Motivational Shayari in Hindi: तेरे ख़्यालों के पर तुझमें कहीं उड़ान ढ़ूढ़ते हैं
तेरे ख़्यालों के पर तुझमें कहीं उड़ान ढ़ूढ़ते हैं,
बांध कर रखी है जो उड़ने की तुमने आजादियाँ,
उन्हीं उड़ानों को न जाने कितने आसमान ढ़ूढ़ते हैं,
वही बातें जो अब तक मैं तुम से करता था,
वही लब्ज़ तेरी बोली, तेरा निशान ढ़ूढ़ते हैं,
वही चोट जो कल तक तुमने खायी होगी,
वही जख़्म मेरे अंदर तेरी खराशे तेरा निशान ढ़ूढ़ते है,
तुम रंग-रंग बदल सकती हो, गुजरे हुए कल की तस्वीर,
तुम पल-पल बदल सकती हो, लिखी हुयी अपनी तकदीर,
बस तुम अपनी सोच के पिंजरे से निकालों खुद को,
बस तुम इन बहके हुए हालातों में सम्भालों खुद को ।
