लोकतंत्र का उद्देश्य Purpose Of Democracy
लोकतंत्र का मुख्य उद्देश्य लोगों की जो इच्छा है उनको सबसे ऊपर रखना है, जबकि सांविधानिक गणतंत्र Constitutional Republic का उद्देश्य लोगों को तानाशाही के चंगुल से बचाना है। भारत के संविधान में दिये गये मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बड़ी-से-बड़ी सरकारी संस्था भी नहीं कर सकतीं। बाबा साहेब के द्वारा इस संबंध में दी गईं प्रमुख तीन चेतावनियां आज भी अहम हैं-
पहली है, जो लोकतंत्र में विरोध के तरीके है उनको बदलना
मसलन सविनय अवज्ञा , असहयोग और सत्याग्रह जैसे तरीकों को छोड़ना चाहिए।
दूसरी है लोगों को सत्ता के आगे नतमस्तक हो जाने की जो प्रवृति है उसको छोड़ना
मसलन सियासत में, भक्ति या नायक की पूजा, यह पतन और अंतत: तानाशाही के लिए एक निश्चित मार्ग सुनिश्चित करता है
और तीसरी है, राजनीतिक लोकतंत्र पा लेने भर से ही संतोष नहीं करें।
मसलन राजनीतिक लोकतंत्र प्राप्त कर लेने से असमानता ख़त्म नहीं हो जाती है। लंबे समय तक समानता से वंचित रहे, तो हम लोग राजनीतिक लोकतंत्र को संकट में डाल देंगे। इसलिए संतुष्ट होने से परहेज करना होगा।
