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इस साल मना रहे है हम, 74 वां गणतंत्र दिवस Republic Day: 26 जनवरी 2023


Republic Day Image

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश Democratic Country है यहां 26 जनवरी अहम दिन है। और इसी तारीख़ को संविधान लागू किया गया था। भारत के लोग इस साल 74 वां गणतंत्र दिवस मना रहे है। जब देश आजाद हो गया तो उसके बाद भारतीय संविधान का गठन किया गया। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर (Dr. Bheem Rao Ambedkar) को "संविधान का निर्माता" कहा जाता है। लेकिन उनके साथ करीब 210 लोगों ने भी अपना सहयोग दिया था। कई सारी बातें भारतीय संविधान (Indian Constitution) को दूसरे देशों से ख़ास बनाती है।

संविधान को दिसंबर  में ही अपना लिया था, लेकिन 26 जनवरी की तारीख़ को लागू करके इस दिन को गणतंत्र दिवस के तौर पर घोषित कर दिया गया। इसके पीछे की ख़ास वजह थी  कि भारतीय संविधान (Indian Constitution) को हाथों से कागज पर लिखा गया था लेकिन कागजों को संजोकर रखना इतने सालों तक अपने आप में बहुत बड़ी बात थी।

 

भारतीय संविधान सभा Indian Constitutional Assembly

संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को सुबह 11 बजे हुई थी। भारतीय संविधान सभा में कुल 210 सदस्य शामिल थे, जिसमें 15 महिलाएं शामिल थीं और बैठक के दो दिन बाद यानि 11 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की बैठक में डॉ० राजेन्द्र प्रसाद (Dr. Rajendra Prasad) को स्थायी अध्यक्ष पद के लिए चयनित किया गया। और 13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Jawaharlal Nehru) ने संविधान का उद्देश्य, प्रस्ताव सभा में प्रस्तुत किया था, जो 22 जनवरी 1947 को पारित किया गया।

 

भारतीय संविधान 26 जनवरी को क्यों लागू किया गया?


संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को ही संविधान को अपना लिया था लेकिन 26 जनवरी को लागू किया गया। इसकी बड़ी वजह थी 26 जनवरी 1930 में आज ही के दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) ने भारत को "पूर्ण स्वराज" घोषित किया था। 20 साल बाद उसी दिन "भारतीय संविधान" लागू कर दिया गया।

भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ० राजेन्द्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के बाद भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को फहराकर भारतीय “गणतंत्र” के जन्म की ऐतिहासिक घोषणा की थी। आजाद होने के 894 दिन बाद भारत "स्वतंत्र" राज्य बन गया।

 

कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां-

  • संविधान की मूल प्रतियां संसदीय पुस्तकालय में रखी हैं। इन्हें हीलियम से भरे एक बॉक्स में रखा गया है और नेफ्थलीन गेंदों के साथ फलालैन के कपड़े में लपेट कर रखा गया है।
  • डॉ. भीमराव आंबेडकर संविधान की ड्राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष थे. इसी वजह से उन्हें संविधान का निर्माता भी कहा जाता है. पर भारतीय संविधान को लिखने वाले शख्स प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा थे. उन्होंने अपने हाथ से संविधान को लिखा था
  • संविधान की मूल प्रति को हिंदी और अंग्रेजी में  प्रेम बिहारी नारायण रायजा़दा ने लिखा था।जो सुलेख कौशल में निपुण थे। इसे लिखने में उन्हें पूरे छह महीने का वक्त लगा था 1901 में दिल्ली में जन्में रायज़ादा, जिन्होंने सारे दस्तावेज टाइपराइटर की सहायता से नहीं बल्कि अपने हाथों से इटैलिक शैली में लिखा। पूरा संविधान हाथ से उन्होंने हाथ से बिना किसी गलती के लिखा। कोई मेहनताना भी नहीं लिया।

Prem Bihari Narayan

  • संविधान सभा की पहली बैठक को स्वतंत्र भारत की पहली संसद भी कहा गया। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा संविधान सभा के पहले अध्यक्ष (अस्थायी अध्यक्ष) थे। इस संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी.
  • संविधान निर्माताओं ने लगभग 60 देशों के संविधानों का अवलोकन किया था और जिस संविधान में जो प्रावधान भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ लगा उसे भारत के संविधान में शामिल कर लिया गया था ।संविधान के निर्माण पर कुल 64 लाख रुपये का खर्च आया था ।
  • 141 बैठकों के बाद स्वतंत्रभारत के  संविधान का मूल प्रारूप तैयार हुआ। संविधान बनने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था ।
  • जब संविधान का मसौदा (Draft) तैयार किया गया था और बहस और चर्चा के लिए रखा गया था, तो अंतिम रूप देने से पहले इसमें 2000 से अधिक संशोधन किए गए थे। 

 

 

 

 

 

 

 

 

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